तिरूअनंतपुरम, 16 जून। आस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों के खिलाफ हमले की बढती घटनाओं के मद्देनजर कम से कम 46 भारतीय छात्र पिछले एक माह में वहां से लौट आए हैं। इनके अलावा कई और छात्रों को उनकेमाता-पिता लौटने के लिए कह रहे हैं। यह बात मेलबोर्न की एक पत्रिका के एक संपादक ने मंगलवार को कही। इंडियन स्टूडेंट्स मैगजीन के संपादक तिरूवल्लम भासी ने मेलबोर्न से एक समाचार एजेंसी को फोन पर बताया कि बहुत से छात्रों पर उनका माता-पिता भारत लौटने के लिए दबाव बना रहे हैं। दो विश्वविद्यालयों ने भारतीय छात्रों को दाखिला नहीं देने का फैसला किया है और शैक्षिक परामर्शदाताओं को भारत के कई छात्रों द्वारा दाखिल रद्द कराने के लिए संपर्क किया जा रहा है। भाषी ने बताया कि हमले का शिकार हुए केरल के दो छात्र मंगलवार सुबह उनके घर आए और उन्होंने कहा कि वे लौटने की तैयारी कर रहे हैं। मोनीश नायर और गौतम नाम के दोनों छात्र एमबीए पाठ्यक्रम के दूसरे वर्ष में थे। नायर ने बताया कि उन दोनों पर गत 23 मई को गिलार्ड स्ट्रीट पर घर लौटते समय हमला किया गया था। आस्ट्रेलिया से दो साल का एमबीए पाठ्यक्रम करने में 60 हजार डॉलर का खर्च आता है। नायर ने बताया कि उन्हें काफी नुकसान हो रहा है, क्योंकि वे अपनी पूरी फीस पहले ही जमा करवा चुके हैं।